dusu election 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजे आज शनिवार, 19 सितंबर को घोषित हो रहे हैं। शुक्रवार, 18 सितंबर को हुए इस चुनाव में कुल 40.46% मतदान दर्ज किया गया, जो देश के सबसे बड़े छात्र चुनावों में से एक माना जाता है। यह चुनाव जंतर-मंतर पर युवाओं के विरोध-प्रदर्शन […]
dusu election 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजे आज शनिवार, 19 सितंबर को घोषित हो रहे हैं। शुक्रवार, 18 सितंबर को हुए इस चुनाव में कुल 40.46% मतदान दर्ज किया गया, जो देश के सबसे बड़े छात्र चुनावों में से एक माना जाता है। यह चुनाव जंतर-मंतर पर युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के कुछ महीनों बाद हो रहा है, जिसने जवाबदेही और छात्रों की चिंताओं को अहम मुद्दा बना दिया था।
dusu election 2026: चुनाव की पृष्ठभूमि और मुख्य मुकाबला
इस बार के डूसू चुनाव में मुख्य लड़ाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) के बीच मानी जा रही है। ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास और उपाध्यक्ष पद के लिए ईशू मौर्य को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं, NSUI ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा और उपाध्यक्ष पद के लिए वीर चतरथ को उम्मीदवार बनाया है।
सचिव पद के लिए ABVP की ओर से रिया छाबड़ी और NSUI की ओर से नम्रता चौधरी प्रत्याशी हैं। संयुक्त सचिव पद के लिए ABVP ने लक्ष्यराज सिंह और NSUI ने गोपाल चौधरी को मैदान में उतारा है। इस बार आईसा-एसएफआई की एंट्री ने डूसू चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है।
मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था
dusu election 2026: शुक्रवार को सुबह 8 बजे से शाम 7:30 बजे तक 52 कॉलेजों में वोटिंग हुई। इस दौरान कुल 1,51,519 में से 61,312 छात्रों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कई कॉलेजों में मतदान 30 से 45 फीसदी के बीच रहा।
चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए 2,000 से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात किए गए थे। काउंटिंग सेंटर के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और छात्रों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने विजय जुलूसों पर रोक लगा दी है ताकि कानून और व्यवस्था बनी रहे।

dusu election 2026: मतगणना में रोमांचक मुकाबला
शनिवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई। मुख्य रिटर्निंग अधिकारी प्रोफेसर राजेश सिंह ने बताया कि सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित हैं। डीयू मतगणना की वीडियोग्राफी भी कराएगा।
पहले कुछ राउंड में ABVP के यश डबास अध्यक्ष पद पर आगे चल रहे थे, लेकिन तीसरे राउंड में NSUI के विजय शंकर मीणा ने बढ़त बना ली। पांचवें राउंड तक के आंकड़ों के मुताबिक अध्यक्ष पद पर यश डबास (ABVP) – 5,790 वोट और विजय शंकर मीणा (NSUI) – 5,737 वोट के साथ कड़ी टक्कर देखी गई।
dusu election 2026: सचिव पद पर रिया छाबड़ी (ABVP) – 5,216 वोट और नम्रता चौधरी (NSUI) – 3,767 वोट के साथ ABVP आगे चल रही है। संयुक्त सचिव पद पर विशेष यादव (SCS) – 4,270 वोट, लक्ष्यराज सिंह (ABVP) – 3,830 वोट और गोपाल चौधरी (NSUI) – 3,421 वोट के साथ तीन तरफा मुकाबला है।
कॉलेजवार परिणाम और ABVP की जीत
वोटों की गिनती से पहले, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने DU के कई कॉलेज यूनियन चुनाव जीते। उन्होंने श्रीराम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स (SRCC) में क्लीन स्वीप किया, जहाँ उन्होंने प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी के पदों के साथ-साथ दोनों काउंसलर सीटें भी जीतीं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी इस संस्था ने कहा कि उसने कॉलेज चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है और कई कॉलेजों में क्लीन स्वीप किया है। ABVP ने अदिति महाविद्यालय, श्री अरविंद कॉलेज (मॉर्निंग), डॉ. बीआर अंबेडकर कॉलेज, भारती कॉलेज और शिवाजी कॉलेज में भी अच्छा प्रदर्शन किया है।
कुल मिलाकर 20 उम्मीदवार चार केंद्रीय पदों के लिए मैदान में थे, जिनमें ABVP, NSUI के अलावा AISA-SFI और कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल थे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और पूर्व अध्यक्ष
दिल्ली यूनिवर्सिटी में दो कैंपस हैं। साउथ और नॉर्थ कैंपस लगभग 15 किमी की दूरी पर बने हैं। दोनों कैंपस मिलाकर DU में 91 कॉलेज आते हैं, लेकिन DUSU के चुनावों में DU के सभी कॉलेज वोट नहीं कर सकते हैं। DUSU में सिर्फ 52 कॉलेज और फैकल्टी ही सीधे तौर पर वोटिंग में हिस्सा लेते हैं।
अरुण जेटली 1974 में DUSU अध्यक्ष रहे और आगे चलकर केंद्र सरकार में देश के वित्त एवं रक्षा मंत्री बने। विजय गोयल 1977 में DUSU अध्यक्ष रहे और आगे चलकर केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री बने। अजय माकन 1985 में DUSU अध्यक्ष रहे और आगे चलकर केंद्र सरकार में आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्री बने। अलका लांबा 1995 में DUSU अध्यक्ष रहीं और आगे चलकर दिल्ली विधानसभा में विधायक तथा महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं।
dusu election 2026: चुनावी मुद्दे और छात्रों की भागीदारी
इस बार के चुनाव में रोजगार, शिक्षा की गुणवत्ता, कैंपस सुविधाएं और छात्र कल्याण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। 40.46% का मतदान प्रतिशत पिछले साल के 39.45% के मुकाबले बेहतर माना जा रहा है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि डूसू चुनाव के दौरान लिंग्दोह कमेटी की सिफारिशों का बार-बार और खुलेआम उल्लंघन किया गया। हाईकोर्ट ने सभी छात्र संगठनों और उम्मीदवारों से पूछा, नियम तोड़ने के लिए उन पर चुनावी नुकसान की भरपाई का आदेश क्यों न दिया जाए। डूसू चुनाव के दौरान मनाही के बावजूद कुछ स्थानों पर प्रिंटेड पर्चे उड़ाए गए।
dusu election 2026: आगे क्या होगा?
मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम कुछ ही घंटों में घोषित होने की उम्मीद है। विजेता छात्र संघ अगले एक वर्ष के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र हितों का प्रतिनिधित्व करेगा।
इस चुनाव का परिणाम न केवल दिल्ली यूनिवर्सिटी बल्कि देश भर के छात्र राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत माना जाएगा। पिछले साल के DUSU चुनावों में, BJP समर्थित ABVP ने तीन पद जीते थे, जबकि कांग्रेस की NSUI ने एक पद जीता था।
